भारत की आज सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य की है

भारत की आज सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य की है । क्योंकि इससे संबधित लेख तुरंत viral हो जातें हैं । छोटी छोटी आयु के लोग अकाल मृत्यु मर रहें हैं । स्वयं घोषित मेडिकल साइंस बिल्कुल फैल हो चुकी है आयुर्वेद पर लोगों का विश्वास इस सीमा तक बढ़ गया है कि लोग अब बीमारी का पता चलते ही आयुर्वेदिक उपचार ढूंढने लगते हैं लेकिन आयुर्वेद के साथ समस्या इसकी supply side पर है । आयुर्वेद का eco system अंग्रेजो और सरकार ने पूर्ण तौर पर ध्वस्त कर दिया हैं । आयुर्वेद की सबसे बड़ी आवश्कता संस्कृत की है जो अब बहुत कम ही बची है , गुरुकुल व्यवस्था सरकार द्वारा समाप्त किए जाने और गुरु शिष्य परंपरा पर सरकारी डिग्री नामक अस्त्र से आयुर्वेदिक वैद्य तैयार नहीं हो रहें हैं । मोदी सरकार ने कुछ प्रयास किए हैं जैसे आयुर्वेदिक वैद्यों को शल्य चिकित्सा की अनुमति देना आदि लेकिन यह प्रयास ऊंट के मूंह में जीरे के समान हैं । 

दूसरी समस्या है परिवार के टूटने की यह समस्या पूरी तरह सरकार की सोची समझी रणनीति के तहत है । समस्या इतनी गंभीर है कि दस करोड़ महिलाएं अब बिना पति के अकेले रह रहीं हैं । अगले दस वर्षो में यह आंकड़ा 20 करोड़ हो जायेगा । 20 करोड़ मर्द भी अकेले रहेंगे । भारत की लगभग आधी जनसंख्या बिना परिवार के रहेगी । आम लोग इस समस्या को पहचानते तों हैं। लेकिन वह इस समस्या के पीछे समाज को अधिक दोषी समझते हैं जबकि इस समस्या के पीछे सरकार है । 

तीसरी सबसे बड़ी पर्यावरण की है । लोग इस समस्या को बिल्कुल समस्या नहीं मानते लेकिन अगले दस वर्ष में यह समस्या बहुत बड़ी बनने वाली है । 

ऊपरी तीनों समस्यो के लिए सरकार की केंद्रीकरण और globalization की नीति उतरदायी है और इनका निदान विकेंद्रीकरण और स्थानीय करण में है । लेकिन सरकार की नीति केंद्रीकरण और glibalization को और अधिक तेजी से करने की है जिसको आम लोग विकास समझते हैं ।

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